बहु-कक्षा कमरे में हर बच्चे के लिए एक जैसा पाठ कारगर नहीं होता। ऋषि वैली के RIVER मॉडल में भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन को गतिविधि-कार्डों में बांटा गया; बच्चा अपनी जगह पहचानकर अगले छोटे कदम की ओर बढ़ता है।

कार्डों पर पशु-चिह्न गतिविधि का प्रकार बताते हैं। क्रम को “सीखने की सीढ़ी” कहा गया है: परिचय, अभ्यास, दोहराव, मूल्यांकन और सुधार अलग पड़ाव बनते हैं। बच्चा अकेले, छोटे समूह में या शिक्षक के साथ काम कर सकता है।

दिल्ली एससीईआरटी की सितंबर 2024 की अध्ययन-यात्रा रिपोर्ट के अनुसार इस व्यवस्था में शिक्षक पूरे कमरे को लगातार एक पाठ सुनाने के बजाय समूहों और जरूरत के अनुसार मदद करता है। प्रगति-चार्ट से यह दिखता है कि कौन-सा बच्चा किस पड़ाव पर है।

स्थानीय कहानी, गीत, कठपुतली और आसपास का पर्यावरण सामग्री बनाने का आधार बन सकते हैं। इससे बहु-कक्षा स्कूल में स्तर का अंतर छिपता नहीं; वह कक्षा की योजना का हिस्सा बनता है।

कार्डों का सही क्रम, शिक्षक की तैयारी और नियमित प्रगति दर्ज करना साथ चाहिए। मॉडल की खासियत साफ संरचना है: अगला कदम छोटा और बच्चे की मौजूदा समझ से जुड़ा है।

मुख्य बातें

  • भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन के कार्ड क्रमबद्ध हैं।
  • हर कार्ड का पशु-चिह्न सीखने की सीढ़ी पर जगह बताता है।
  • बच्चे अकेले, साथी के साथ और शिक्षक के साथ अलग चरण करते हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. Rishi Valley Education Centre · RIVER — Institute for Educational Resources ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, दिल्ली · Rishi Valley exposure visit report, September 2024 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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